जितना हो सके अकेले रहना सीख लो खुश रहोगे क्योंकि कब कौन साथ छोड़ दे कोई कोई पता नहीं लगता ना जाने क्यों अक्सर वही हमारा साथ छोड़ देते है जिसे हम अपना समझते है जैसा हम सोचते है हर इंसान वैसा ही सोचे ये उम्मीद रखना गलत है
जितना हो सके अकेले रहना सीख लो खुश रहोगे क्योंकि कब कौन साथ छोड़ दे कोई कोई पता नहीं लगता ना जाने क्यों अक्सर वही हमारा साथ छोड़ देते है जिसे हम अपना समझते है जैसा हम सोचते है हर इंसान वैसा ही सोचे ये उम्मीद रखना गलत है
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