खुशी जल्दी मै थी रुकी नहीं गम फुरसत में थे ठहर गए
लोगों की नजरों में फर्क अब भी नही है पहले मुड़कर देखते थे अब देखकर मुड़ जाते हैं 

परछाई से पूछ लिया क्यों चलती हो मेरे साथ
 उसने हंसकर कहा और कौन है तेरे साथ 
🙏🙏🙏

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