सब्र से मिली चीजें और इंतजार से मिली रहमत 

अकसर जीने की वजह बन जाती है 

वक्त बिताए जिसकी चाहत में उसके पाने की खुशी कुछ और ही होती है 

बिना मांगे जिसको सब कुछ मिल जाए 

वो क्या जाने कदर किसको कहते है 

रब के सामने जो रोज झुके उसे पूछो सब्र किसे कहते है

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